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उत्तराखंड के लोग बंजर खेती से कमाएंगे करोड़ों, जापानी कंपनी ने आर्गेनिक खेती में किया इन्वेस्ट।

by Manoj Bhandari
Apr 01, 2019

Photo: H.Satish via Uttarakhand.org.in

अगर आपकी उत्तराखंड के पहाड़ों में भूमि है तो आपके लिए यह खभर किसी बहुत बड़ी राहत से कम नहीं। जापान की कंपनी ‘सोमित्सु हितोमो’ जो की आर्गेनिक खेती में एक जाना माना नाम है उत्तराखंड के पहाड़ों में जैविक खेती पे करोड़ों लुटाएगी। आपको बता दें की जापान एक छोटा सा देश है जहाँ के नागरिक अपने स्वास्थ्य के प्रति बहुत ज्यादा सक्रिय रहते हैं और खान-पान पर खासा ध्यान देते हैं ऐसे में छोटे देश में अधिक आबादी होने के कारन कृषि भूमि की काफी कमी है जिसके लिए वहां की आर्गेनिक खेती व्यापर करने वाली कंपनी उत्तराखंड में करोड़ों इन्वेस्ट करेगी।

क्यों कर रही है कंपनी उत्तराखंड में इतना बड़ा निवेश।

आपको बता दें की उत्तराखंड में हजारों हेक्टेयर भूमि यूँही बंजर पड़ी है जिसका मुख्य कारण यहाँ के लोगों का पहाड़ों से पलायन करना है। उत्तराखंड की जलवायु अति सम्वेदनशील है जो आर्गेनिक खेती के लिए बहुत ज्यादा लाभारती है। कंपनी को उत्तराखंड को चुनने का एक मुख्य कारण यहाँ उद्योगों का कम होना और प्रदुषण की कमी होना भी है। कंपनी का कहना है की उत्तराखंड में उनके जरूरत अनुसार पर्याप्त भूमि है और जलवायु है।

सोमित्सु हितोमो की उत्तराखंड में क्या है योजना ?

कंपनी का कहना है की वो गॉव की पंचायतों से बड़े पैमाने पर ग्रामीणों से भूमि ‘लीज’ पर लेगी जिसका पैसा स्थानियों पंचायतों के द्वारा भूमि के हिसाब से लोगों को मिलेगा। इसमें सरकार की क्या भागीदारी होगी इस से सम्बंधित कोई स्पष्ट खबर फिलहाल नहीं है पर इस योजना से उत्तराखंड की आर्थिक स्थिति जरूर सुधरने वाली है।

 

आने वाले दिनों में इसका क्या पड़ सकता है उत्तराखंड में प्रभाव ?

  • अगर ऐसा हुआ तो इसका सीधा असर यहाँ गावों में रहने वाली आबादी पर पड़ेगा जिनको न सिर्फ रोजगार मिलेगा साथ ही आर्थिक स्थिति भी बढ़ेगी।
  • रोजगार मिलने पर इसका सीधा असर पलायन रुकने पर पड़ेगा, जिसे रोकने में अभी उत्तराखंड की सरकार भी नाकामयाब रही।
  • बंजर पड़ी भूमि होगी आबाद।

क्या आ सकती हैं दिक्कतें ?

आपको बता दें की उत्तराखंड में पहाड़ों से हजारों लोग पलायन कर दिल्ली, देहरादून और नॉएडा जैसे बड़े शहरों में रह रहे हैं। इन सभी परिवारों की गॉव में कई पुश्तैनी खेत हैं जो अभी बंजर पड़े हैं, ऐसे में लोगों से संपर्क करना और उनके खेतों को लीज पर देने के लिए मानना एक बड़ा कठिन कार्य होगा।

#AprilFool

Photo: Pradyut via Uttarakhand.org.in

Manoj Bhandari

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